मुक्केबाज़ी
छप्पन किलो: वह कांस्य जो असली है, और वह श्रेणी जो अब नहीं हैहुक हैम्बर्ग, सितंबर 2026। हॉल की रोशनी सिर्फ़ रिंग पर गिर रही थी; बाक़ी सीटे...
कैंप सूची में छत्तीस नाम, एंट्री लिस्ट में उनतीस — भारतीय मुक्केबाज़ी का वह बहीखाता जो कोई दोबारा नहीं खोलतातीन दस्तावेज़, एक ही महीना, और सात नाम जो पहले काग़ज़ से दूसरे काग़ज़ तक...
शून्य पदक, 248 मुक्केबाज और एक बंडल: भारतीय मुक्केबाजी का असली हिसाबपेरिस ओलंपिक की मुक्केबाजी में 13 इवेंट थे और कुल 248 मुक्केबाज। भारत के छह न...
किलो बदल गए, शीट वही है: बीएफआई–वर्ल्ड बॉक्सिंग संक्रमण में किसका वज़न कट रहा हैपटियाला के ट्रायल हॉल की दीवार पर पिछले महीने एक शीट चिपकी थी। तीन कॉलम थे —...
बैंकॉक का वो कोटा: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली लड़ाई रिंग के बाहर लड़ी जा रही हैबैंकॉक के हुआ मार्क इंडोर स्टेडियम में ड्रॉ बोर्ड के सामने खड़े कोच ने उंगलिय...
भारतीय मुक्केबाज़ी: छह ओलंपिक कोटे, शून्य मेडल — गड़बड़ रिंग में नहीं, कैलेंडर में हैपेरिस के आख़िरी हफ़्ते में जजों की मेज़ के पीछे सबसे सस्ती सीट से जो चीज़ सबस...
पेरिस का शून्य पंचों का नहीं, कोटा-गणित का नतीजा थाअम्मान का हॉल खाली हो रहा था। मार्च 2026, एशिया-ओशिनिया ओलंपिक क्वालिफायर, और...
कटी हुई लाइन का हिसाब: भारतीय मुक्केबाज़ी में वज़न बदलते हैं, नौकरियाँ नहींपटियाला के साई-एनआईएस सेंटर की पहली मंज़िल पर वेट-इन का कमरा सुबह सात बजे खुल...
75 किलो वह डिवीज़न था जिसने भारत को पहला ओलंपिक मुक्केबाज़ी मेडल दिया — अब वह ओलंपिक में नहीं हैफ़रवरी 2026 की एक दोपहर अहमदाबाद में मैंने अपनी ओलंपिक वज़न-श्रेणी वाली...
चार स्वर्ण, दो दरवाज़े: भारतीय महिला मुक्केबाज़ी का दोहरा हिसाब-किताब26 मार्च 2026 की शाम, दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में रिंग नंबर एक ...
कैंप सूची में छत्तीस नाम, एंट्री लिस्ट में उनतीस — भारतीय मुक्केबाज़ी का वह बहीखाता जो कोई दोबारा नहीं खोलतातीन दस्तावेज़, एक ही महीना, और सात नाम जो पहले काग़ज़ से दूसरे काग़ज़ तक...
शून्य पदक, 248 मुक्केबाज और एक बंडल: भारतीय मुक्केबाजी का असली हिसाबपेरिस ओलंपिक की मुक्केबाजी में 13 इवेंट थे और कुल 248 मुक्केबाज। भारत के छह न...
किलो बदल गए, शीट वही है: बीएफआई–वर्ल्ड बॉक्सिंग संक्रमण में किसका वज़न कट रहा हैपटियाला के ट्रायल हॉल की दीवार पर पिछले महीने एक शीट चिपकी थी। तीन कॉलम थे —...
बैंकॉक का वो कोटा: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली लड़ाई रिंग के बाहर लड़ी जा रही हैबैंकॉक के हुआ मार्क इंडोर स्टेडियम में ड्रॉ बोर्ड के सामने खड़े कोच ने उंगलिय...
भारतीय मुक्केबाज़ी: छह ओलंपिक कोटे, शून्य मेडल — गड़बड़ रिंग में नहीं, कैलेंडर में हैपेरिस के आख़िरी हफ़्ते में जजों की मेज़ के पीछे सबसे सस्ती सीट से जो चीज़ सबस...
पेरिस का शून्य पंचों का नहीं, कोटा-गणित का नतीजा थाअम्मान का हॉल खाली हो रहा था। मार्च 2026, एशिया-ओशिनिया ओलंपिक क्वालिफायर, और...
कटी हुई लाइन का हिसाब: भारतीय मुक्केबाज़ी में वज़न बदलते हैं, नौकरियाँ नहींपटियाला के साई-एनआईएस सेंटर की पहली मंज़िल पर वेट-इन का कमरा सुबह सात बजे खुल...
75 किलो वह डिवीज़न था जिसने भारत को पहला ओलंपिक मुक्केबाज़ी मेडल दिया — अब वह ओलंपिक में नहीं हैफ़रवरी 2026 की एक दोपहर अहमदाबाद में मैंने अपनी ओलंपिक वज़न-श्रेणी वाली...
चार स्वर्ण, दो दरवाज़े: भारतीय महिला मुक्केबाज़ी का दोहरा हिसाब-किताब26 मार्च 2026 की शाम, दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में रिंग नंबर एक ...
